Hippocrates' Theory of Personality (हिप्पोक्रेट्स का व्यक्तित्व सिद्धांत)
हिप्पोक्रेट्स (Hippocrates) एक प्रसिद्ध प्राचीन यूनानी चिकित्सक थे, जिन्हें "पश्चिमी चिकित्सा का पिता" माना जाता है। उनका व्यक्तित्व सिद्धांत "चार ह्यूमर्स" (Four Humours) पर आधारित था, जिसमें शरीर के विभिन्न तरल पदार्थों का व्यक्तित्व पर प्रभाव का वर्णन किया गया था। हिप्पोक्रेट्स ने यह विचार किया कि शरीर में इन तरल पदार्थों का असंतुलन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, और इसी असंतुलन के कारण व्यक्ति के व्यक्तित्व में विभिन्न प्रकार के लक्षण विकसित होते हैं।
चार ह्यूमर्स (Four Humours)
रक्त (Sanguine):
- यह ह्यूमर रक्त से संबंधित है और इसे सामाजिक, उत्साही और आशावादी व्यक्तित्व से जोड़ा जाता है।
- प्रकृति: यह लोग आमतौर पर संतुलित, मिलनसार, और दूसरों के साथ संवाद करने वाले होते हैं।
- व्यक्तित्व: ये लोग हमेशा खुश, आशावादी और सामाजिक होते हैं। वे दूसरों के साथ आसानी से घुलमिल जाते हैं और अच्छे साथी होते हैं।
- स्वास्थ्य प्रभाव: अगर रक्त का असंतुलन हो, तो यह व्यक्ति को अधिक मिलनसार, चंचल, और कभी-कभी हताश बना सकता है।
पित्त (Choleric):
- यह ह्यूमर पित्त (bile) से संबंधित है और इसे आक्रामक, दृढ़नायक और महत्वाकांक्षी व्यक्तित्व से जोड़ा जाता है।
- प्रकृति: इस प्रकार के व्यक्ति निर्णायक, कठोर और व्यावहारिक होते हैं।
- व्यक्तित्व: ये लोग अत्यधिक नियंत्रक, सक्रिय और उत्साही होते हैं। वे अपनी शक्ति का उपयोग दूसरों पर नियंत्रण रखने के लिए करते हैं और अक्सर नेतृत्व की भूमिका में होते हैं।
- स्वास्थ्य प्रभाव: अगर पित्त का असंतुलन हो, तो यह व्यक्ति को अत्यधिक गुस्सैल, नकारात्मक और आक्रामक बना सकता है।
काला पित्त (Melancholic):
- यह ह्यूमर काले पित्त (black bile) से संबंधित है और इसे निराश, विचारशील और चिंताशील व्यक्तित्व से जोड़ा जाता है।
- प्रकृति: ऐसे लोग अधिकतर गंभीर, आत्मनिरीक्षण करने वाले और चिंतित होते हैं।
- व्यक्तित्व: ये लोग गंभीर, संवेदनशील और आत्मविश्लेषी होते हैं। वे किसी स्थिति के हर पहलु को गहराई से सोचते हैं, लेकिन अक्सर जीवन में निराश और उदास महसूस करते हैं।
- स्वास्थ्य प्रभाव: यदि काले पित्त का असंतुलन हो, तो यह व्यक्ति को अधिक चिंतित, आत्मघाती विचारों और मानसिक दबाव का शिकार बना सकता है।
बलगम (Phlegmatic):
- यह ह्यूमर बलगम (phlegm) से संबंधित है और इसे शांत, संतुलित और अव्यक्त व्यक्तित्व से जोड़ा जाता है।
- प्रकृति: ये लोग धैर्यवान, शांति प्रिय और संतुलित होते हैं।
- व्यक्तित्व: ये लोग अत्यधिक शांत, धैर्यवान और निराश्रित होते हैं। वे किसी भी प्रकार की अशांति या तनाव से दूर रहते हैं और समस्याओं को बहुत धीरे-धीरे हल करते हैं।
- स्वास्थ्य प्रभाव: यदि बलगम का असंतुलन हो, तो यह व्यक्ति को अधिक निराकार, आलसी और अप्रेरित बना सकता है।
हिप्पोक्रेट्स का सिद्धांत: मुख्य विचार
हिप्पोक्रेट्स का मानना था कि शरीर में इन चार ह्यूमर्स का संतुलन व्यक्ति के स्वास्थ्य और व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालता है। यदि इन ह्यूमर्स का संतुलन सही रहता है, तो व्यक्ति का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। लेकिन यदि इनमें से कोई भी ह्यूमर असंतुलित होता है, तो यह व्यक्ति की मानसिक स्थिति, व्यवहार, और समग्र व्यक्तित्व को प्रभावित करता है।
- शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य: हिप्पोक्रेट्स का मानना था कि इन ह्यूमर्स के असंतुलन से केवल शारीरिक बीमारियाँ नहीं होतीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक असंतुलन भी उत्पन्न होता है।
- व्यक्तित्व विकास: शरीर में इन ह्यूमर्स का सही संतुलन व्यक्तित्व के विकास के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह व्यक्ति के सामाजिक व्यवहार, मानसिक स्थिति, और भावनाओं को नियंत्रित करता है।
- समाज और वातावरण का प्रभाव: हिप्पोक्रेट्स का यह भी मानना था कि किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके समाज और वातावरण से भी प्रभावित होता है। जीवन के अनुभव और परिस्थितियाँ ह्यूमर्स के संतुलन को प्रभावित करती हैं।
निष्कर्ष
हिप्पोक्रेट्स का व्यक्तित्व सिद्धांत आज के आधुनिक मनोविज्ञान के लिए पुराना होने के बावजूद महत्वपूर्ण है। उन्होंने व्यक्तित्व के प्रकारों को शारीरिक द्रवों के असंतुलन से जोड़कर पहली बार व्यक्तित्व के विज्ञान में कदम रखा था। उनके सिद्धांत का उद्देश्य व्यक्तित्व और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच के संबंध को समझना था, और यह सिद्धांत भविष्य के मनोवैज्ञानिकों के लिए मार्गदर्शक साबित हुआ।
Carl Jung's Theory of Personality (कार्ल जंग का व्यक्तित्व सिद्धांत)
कार्ल जंग (Carl Jung) एक स्विस मनोवैज्ञानिक थे, जिन्होंने व्यक्तित्व के विकास और संरचना पर गहरी सोच की और मनोविज्ञान के कई पहलुओं को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जंग का मानना था कि व्यक्तित्व एक गहरे, अनजाने और सामूहिक अवचेतन (collective unconscious) द्वारा निर्धारित होता है, जो व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने व्यक्तित्व को समझने के लिए विभिन्न सिद्धांतों और विचारों का प्रस्ताव किया, जो आज भी मनोविज्ञान में अत्यधिक प्रभावशाली माने जाते हैं।
1. व्यक्तित्व के मुख्य पहलू (Main Aspects of Personality)
जंग के सिद्धांत में व्यक्तित्व के दो प्रमुख पहलू होते हैं:
व्यक्तिगत अवचेतन (Personal Unconscious):
- यह वह मानसिक सामग्री है जो व्यक्ति के अवचेतन में छिपी रहती है। इसमें उन अनुभवों, यादों और भावनाओं का संग्रह होता है जिन्हें व्यक्ति ने अपनी जीवन में महसूस किया होता है, लेकिन वे अब सामान्य रूप से जागरूकता में नहीं होते।
- इसमें प्रति-संकेत (complexes) शामिल होते हैं, जो गहरे व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित होते हैं, जैसे माता-पिता के साथ रिश्ते, प्यार या दर्दनाक अनुभव आदि।
सामूहिक अवचेतन (Collective Unconscious):
- यह जंग का एक महत्वपूर्ण और अभिनव विचार था। सामूहिक अवचेतन वह मानसिक संरचना है जो सभी मानवों में साझा होती है। इसमें उन विचारों, छवियों और अनुभवों का संग्रह होता है जो इंसान के इतिहास, संस्कृतियों और अनुवांशिकता से उत्पन्न होते हैं।
- आर्केटाइप्स (Archetypes) इसमें प्रमुख भूमिका निभाते हैं, जो प्राचीन, सार्वभौमिक प्रतीक होते हैं, जैसे माता, नायक, बुद्धिमान बूढ़ा व्यक्ति, शैडो, आत्मा आदि।
2. व्यक्तित्व के प्रकार (Personality Types)
जंग ने व्यक्तित्व के विभिन्न प्रकारों को समझने के लिए एक द्वैध (binary) दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने व्यक्तित्व को मुख्य रूप से दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया:
एक्स्ट्रोवर्शन (Extraversion):
- एक्स्ट्रोवर्ट्स (Extraverts) वे लोग होते हैं जो बाहर की दुनिया में रुचि रखते हैं और दूसरों के साथ संपर्क बनाने में खुशी महसूस करते हैं। वे सामाजिक, सक्रिय, और बाहरी गतिविधियों में रुचि रखते हैं। वे आमतौर पर संवादात्मक और ऊर्जा से भरे होते हैं।
इंट्रोवर्शन (Introversion):
- इंट्रोवर्ट्स (Introverts) वे लोग होते हैं जो अपने अंदर की दुनिया में रुचि रखते हैं और अकेले रहने को प्राथमिकता देते हैं। वे सोचने और आत्मनिरीक्षण में रुचि रखते हैं। वे दूसरों के मुकाबले अपने विचारों और भावनाओं के साथ अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं और अधिक गहरे होते हैं।
3. आर्केटाइप्स (Archetypes)
जंग के अनुसार, आर्केटाइप्स वे मानसिक चित्र हैं जो सभी मानवों में सामान्य होते हैं और ये हमारे सामूहिक अवचेतन का हिस्सा होते हैं। जंग ने आर्केटाइप्स को सात प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया:
नायक (Hero):
- नायक वह व्यक्ति है जो संघर्षों का सामना करता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। यह आर्केटाइप साहस, प्रेरणा और शक्तिशाली इच्छा का प्रतीक होता है।
माँ (Mother):
- यह आर्केटाइप सुरक्षा, पोषण और देखभाल का प्रतीक है। यह मूल रूप से प्रेम, देखभाल और दयालुता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है।
बुद्धिमान बुजुर्ग (Wise Old Man):
- यह आर्केटाइप ज्ञान और अनुभव का प्रतीक है। यह एक मार्गदर्शक की तरह कार्य करता है, जो ज्ञान और सलाह प्रदान करता है।
शैडो (Shadow):
- शैडो का आर्केटाइप हमारे अवचेतन मन का गहरा हिस्सा है, जिसमें वे गुण और लक्षण होते हैं जिन्हें हम समाज या अपने आप से छुपाते हैं। यह अंधेरे पक्ष, डर और नकारात्मकता का प्रतीक होता है।
आत्मा (Anima/Animus):
- आत्मा (Anima) पुरुषों के लिए महिला का मानसिक चित्र है, और आत्मा (Animus) महिलाओं के लिए पुरुष का मानसिक चित्र है। यह आर्केटाइप व्यक्ति के भीतर के लिंग के दूसरे पहलू का प्रतीक होता है।
बच्चा (Child):
- बच्चा आर्केटाइप शुद्धता, संभावनाओं और नए प्रारंभों का प्रतीक है। यह विकास, उन्नति और नयापन की ओर संकेत करता है।
जंगली (Trickster):
- यह आर्केटाइप मस्ती, कुटिलता और हंसी का प्रतीक होता है। यह परिवर्तन और नये विचारों को लाने में मदद करता है, लेकिन यह भ्रम और असंतुलन भी उत्पन्न कर सकता है।
4. व्यक्तित्व का विकास (Development of Personality)
जंग का मानना था कि व्यक्तित्व का विकास जीवन के विभिन्न चरणों में निरंतर जारी रहता है। उन्होंने इसे दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया:
आंतरिक खोज (Individuation):
- यह जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति अपनी आत्मा को पहचानता है और अपनी आंतरिक विभाजित पहचान को एकजुट करता है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति के भीतर के शैडो, आर्केटाइप्स और सामूहिक अवचेतन का सामना करना होता है।
- इस चरण के दौरान, व्यक्ति अपने भीतर के विभिन्न पहलुओं को स्वीकार करता है और एक पूरी और सामंजस्यपूर्ण पहचान विकसित करता है।
संतुलन और एकता (Balance and Integration):
- जंग का मानना था कि व्यक्ति का व्यक्तित्व संतुलित और एकीकृत होना चाहिए। एक व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को स्वीकार करना चाहिए और उनका सामंजस्यपूर्ण रूप से एकत्र करना चाहिए। यह तभी संभव है जब एक व्यक्ति अपने आंतरिक संघर्षों का सामना करे और आर्केटाइप्स के साथ संबंध बनाए।
निष्कर्ष (Conclusion)
कार्ल जंग का व्यक्तित्व सिद्धांत आज भी आधुनिक मनोविज्ञान में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उनका विचार था कि व्यक्तित्व का विकास निरंतर होता रहता है और यह आंतरिक संघर्ष, सामूहिक अवचेतन और आर्केटाइप्स द्वारा प्रभावित होता है। उन्होंने व्यक्तित्व को न केवल बाहरी दुनिया से, बल्कि आंतरिक दुनिया से भी प्रभावित बताया और यह सिद्धांत व्यक्तित्व को समझने के लिए एक गहरी दृष्टिकोण प्रदान करता है।
William Sheldon’s Theory of Personality (विलियम शेल्डन का व्यक्तित्व सिद्धांत)
विलियम शेल्डन (William Sheldon) एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने व्यक्तित्व को शारीरिक संरचना (body types) से जोड़ा और somatotype theory (शारीरिक प्रकार सिद्धांत) का प्रस्ताव किया। उनका मानना था कि शारीरिक संरचना का गहरा संबंध व्यक्ति के मानसिक और व्यक्तित्व गुणों से होता है। शेल्डन ने शारीरिक प्रकारों के आधार पर व्यक्तित्व को वर्गीकृत किया और इसे तीन प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया। इस सिद्धांत ने physique और personality के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश की।
1. Somatotype Theory (शारीरिक प्रकार सिद्धांत)
शेल्डन के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक संरचना उसकी मानसिकता, व्यवहार और व्यक्तित्व पर प्रभाव डालती है। उन्होंने शारीरिक संरचना को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया:
Ectomorph (एकटोमॉर्फ):
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
- एकटोमॉर्फ व्यक्ति पतला, दुबला और लंबे शरीर वाले होते हैं। उनका वजन कम होता है और उनकी हड्डियाँ तंग होती हैं। उनके शरीर पर मांसपेशियाँ कम होती हैं और वे आमतौर पर स्लिम होते हैं।
- व्यक्तित्व गुण (Personality Traits):
- शेल्डन ने कहा कि एकटोमॉर्फ व्यक्तित्व में आमतौर पर शर्मीले, चिंतित, मानसिक रूप से संवेदनशील और आत्मनिष्ठ होते हैं। वे शारीरिक रूप से नर्म होते हैं और आसानी से तनाव महसूस कर सकते हैं। ये लोग सोचने में बहुत गहरे होते हैं और अक्सर अकेले रहना पसंद करते हैं।
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
Mesomorph (मेसोमॉर्फ):
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
- मेसोमॉर्फ व्यक्ति मांसल, मांसपेशियों से भरे और मजबूत शरीर वाले होते हैं। उनका कद और वजन सामान्य से अधिक होता है, और उनके शरीर पर मांसपेशियाँ अधिक होती हैं। वे फिट और शारीरिक रूप से आकर्षक होते हैं।
- व्यक्तित्व गुण (Personality Traits):
- मेसोमॉर्फ व्यक्तित्व में अक्सर साहसी, आत्मविश्वासी, और नेतृत्व के गुण होते हैं। ये लोग शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से स्थिर होते हैं। वे सक्रिय और ऊर्जावान होते हैं, और सामाजिक रूप से बहुत अच्छे होते हैं। अक्सर ये लोग खुद को व्यक्त करने में सहज होते हैं।
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
Endomorph (एंडोमॉर्फ):
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
- एंडोमॉर्फ व्यक्ति मोटे, गोलमटोल और चौड़े शरीर वाले होते हैं। उनका शरीर मांसल होता है और उनकी हड्डियाँ मोटी होती हैं। वे सामान्यतः अधिक वजन वाले होते हैं और उनके शरीर पर मांस अधिक होता है।
- व्यक्तित्व गुण (Personality Traits):
- एंडोमॉर्फ व्यक्तित्व में अक्सर जिज्ञासु, सामाजिक और आरामदायक होते हैं। ये लोग खुशमिजाज, मिलनसार और आत्म-संतुष्ट होते हैं। वे आमतौर पर दूसरों के साथ अच्छे संबंध रखते हैं और भावनात्मक रूप से सहज होते हैं। ये लोग आमतौर पर आरामदायक और जीवन का आनंद लेने वाले होते हैं।
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
2. Shaped by Genetics and Environment (अनुवांशिकी और पर्यावरण से प्रभावित)
शेल्डन का मानना था कि शारीरिक प्रकार और व्यक्तित्व केवल आनुवंशिकी (genetics) से नहीं, बल्कि पर्यावरण (environment) से भी प्रभावित होते हैं। वे मानते थे कि व्यक्तित्व को समझने के लिए शारीरिक संरचना और व्यक्तिगत अनुभव दोनों का मूल्यांकन करना जरूरी है।
3. Psychoticism, Extraversion, and Neuroticism (साइकोटिज़िज़म, एक्सट्रावर्शन और न्यूरोटिज़िज़म)
शेल्डन ने शारीरिक प्रकारों को Psychoticism, Extraversion, और Neuroticism जैसे मनोवैज्ञानिक गुणों से भी जोड़ा:
- Psychoticism (साइकोटिज़िज़म):
- शेल्डन के अनुसार, मेसोमॉर्फ व्यक्तित्व में साइकोटिज़िज़म के गुण होते हैं, जैसे आक्रामकता, निडरता, और साहस।
- Extraversion (एक्सट्रावर्शन):
- एंडोमॉर्फ व्यक्ति अधिक एक्सट्रावर्ट होते हैं, यानी वे बाहर की दुनिया से जुड़ने में रुचि रखते हैं, सामाजिक होते हैं और जीवन के विभिन्न पहलुओं का आनंद लेते हैं।
- Neuroticism (न्यूरोटिज़िज़म):
- एकटोमॉर्फ व्यक्तित्व अधिक न्यूरोटिक होते हैं, यानी उन्हें तनाव, चिंता और भावनात्मक असंतुलन का सामना करना पड़ सकता है।
4. Criticism of Sheldon’s Theory (शेल्डन के सिद्धांत की आलोचना)
शेल्डन का Somatotype Theory एक अभिनव विचार था, लेकिन इस पर कुछ आलोचनाएँ भी की गई हैं:
साधारणीकरण (Over-Simplification):
- शेल्डन ने शारीरिक संरचनाओं को व्यक्तित्व के साथ जोड़ने में बहुत अधिक सामान्यीकरण किया। व्यक्तित्व केवल शारीरिक प्रकारों पर निर्भर नहीं होता, बल्कि यह मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों द्वारा भी प्रभावित होता है।
आधुनिक शोध में कमी (Lack of Modern Research):
- इस सिद्धांत को समकालीन मनोविज्ञान में उतनी मान्यता नहीं मिली क्योंकि इसके द्वारा किए गए कई दावे आजकल के अनुसंधान के दृष्टिकोण से कमजोर माने जाते हैं। आज के शोध में शारीरिक संरचना और मानसिकता के बीच स्पष्ट संबंधों का पता नहीं चला है।
आनुवंशिकी और पर्यावरण का योगदान (Genetics and Environment Contribution):
- शेल्डन का सिद्धांत अधिकतर शारीरिक संरचना पर केंद्रित था और इसने अन्य कारकों जैसे आनुवंशिकी और जीवन के अनुभवों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।
निष्कर्ष (Conclusion)
विलियम शेल्डन का व्यक्तित्व सिद्धांत शारीरिक प्रकारों के आधार पर व्यक्तित्व की समझ प्रदान करता है, जो एक अद्वितीय दृष्टिकोण था। उन्होंने यह दिखाया कि शारीरिक संरचना और व्यक्तित्व के बीच कुछ संबंध हो सकता है, हालांकि आधुनिक मनोविज्ञान में इस सिद्धांत की आलोचना की जाती है। फिर भी, शेल्डन का सिद्धांत व्यक्तित्व के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और शारीरिक प्रकारों की भूमिका को समझने के लिए एक आधार प्रदान करता है।
Kretschmer's Theory of Personality (क्रेट्शमर का व्यक्तित्व सिद्धांत)
Emil Kretschmer, एक जर्मन मनोवैज्ञानिक और चिकित्सक, ने 20वीं शताबदी की शुरुआत में व्यक्तित्व को शारीरिक संरचना और मानसिक लक्षणों से जोड़ने के विचार को प्रस्तुत किया। उनका सिद्धांत व्यक्तित्व के प्रकारों को शारीरिक संरचना (somatotype) और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध से जोड़ता है। उन्होंने व्यक्तित्व के विभिन्न प्रकारों को शारीरिक संरचना, विशेष रूप से शरीर के आकार और बनावट, के आधार पर वर्गीकृत किया।
Kretschmer’s Typology (क्रेट्शमर की प्रकारिकी)
क्रेट्शमर के अनुसार, व्यक्ति के शारीरिक प्रकार और मानसिक लक्षणों में एक गहरा संबंध होता है। उन्होंने व्यक्तित्व को चार प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया:
1. Pyknic Type (पिकनिक प्रकार)
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
- पिकनिक व्यक्तित्व वाले लोग छोटे से मध्यम कद के होते हैं, उनके शरीर में मांसपेशियाँ और फैट का संतुलन होता है। उनके चेहरे गोल होते हैं और शरीर की बनावट सामान्य से अधिक मांसल होती है। वे सामान्यतः मोटे या गोलमटोल होते हैं।
- व्यक्तित्व गुण (Personality Traits):
- पिकनिक प्रकार के लोग आमतौर पर खुशमिजाज, मिलनसार और सामाजिक होते हैं। वे भावनात्मक रूप से स्थिर होते हैं और अपने समाज में अच्छे संबंध बनाए रखते हैं। इनका स्वभाव ताजगी से भरा होता है और वे दूसरों के साथ आनंदपूर्ण तरीके से रहते हैं।
- क्रेट्शमर ने यह भी कहा कि पिकनिक व्यक्तित्व वाले लोग अक्सर मानसिक रूप से स्थिर होते हैं, लेकिन कभी-कभी मनोरोग (psychotic) समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।
2. Asthenic Type (अस्थेनिक प्रकार)
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
- अस्थेनिक व्यक्तित्व वाले लोग लंबे, पतले, और कमजोर होते हैं। उनकी हड्डियाँ बहुत पतली होती हैं, और शरीर में मांसपेशियाँ कम होती हैं। वे सामान्यतः कद में लम्बे और दुबले होते हैं, और शरीर की बनावट बहुत पतली होती है।
- व्यक्तित्व गुण (Personality Traits):
- अस्थेनिक व्यक्ति आमतौर पर गंभीर, चिंतित और मानसिक रूप से संवेदनशील होते हैं। उनका स्वभाव अधिक आत्मनिष्ठ (introverted) होता है और वे सोचने में गहरे होते हैं। उन्हें अकेले रहने का अधिक शौक होता है और वे अत्यधिक सोच-विचार करने वाले होते हैं।
- मानसिक रूप से यह लोग संवेदनशील होते हैं और मनोदशा में बदलाव या मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो सकते हैं।
3. Athletic Type (एथलेटिक प्रकार)
- शारीरिक विशेषताएँ (Physical Characteristics):
- एथलेटिक प्रकार के लोग मांसल, मजबूत, और फिट होते हैं। उनके शरीर में मांसपेशियाँ और ताकत अधिक होती है। ये लोग शारीरिक रूप से संतुलित और स्वस्थ होते हैं, और उनके शरीर की बनावट सक्रिय और मजबूत होती है।
- व्यक्तित्व गुण (Personality Traits):
- एथलेटिक व्यक्तित्व वाले लोग सामान्यतः आत्मविश्वासी, ऊर्जावान और शारीरिक रूप से सक्रिय होते हैं। ये लोग सामाजिक होते हैं और अक्सर जीवन में साहसी होते हैं। उनका स्वभाव सामाजिक और बाहरी (extroverted) होता है, और वे दूसरों के साथ संबंध बनाने में सहज होते हैं।
- इनका स्वभाव सामान्यतः सकारात्मक, और प्रभावशाली होता है, और उन्हें अपने लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलती है।
4. Mixed Types (मिश्रित प्रकार)
- क्रेट्शमर ने एक मिश्रित प्रकार (Mixed Types) की अवधारणा भी प्रस्तुत की, जिसमें एक व्यक्ति में पिकनिक, अस्थेनिक और एथलेटिक प्रकार के गुणों का संयोजन होता है। यह व्यक्तित्व विभिन्न शारीरिक और मानसिक गुणों के मिश्रण के रूप में प्रकट होता है।
Kretschmer और मानसिक विकारों (Kretschmer and Mental Disorders)
क्रेट्शमर ने व्यक्तित्व के प्रकारों के आधार पर मानसिक विकारों के बारे में भी विचार किया। उनका मानना था कि शारीरिक प्रकार मानसिक विकारों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निम्नलिखित मानसिक विकारों को शारीरिक प्रकारों से जोड़ा:
पिकनिक प्रकार और मानसिक विकार (Pyknic Type and Mental Disorders):
- पिकनिक प्रकार के व्यक्तित्व वाले लोग अधिकतर मनोदशा विकार (mood disorders) जैसे डिप्रेशन या मनोरोग (psychosis) का शिकार हो सकते हैं। इन व्यक्तियों में भावनाओं का अत्यधिक उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।
अस्थेनिक प्रकार और मानसिक विकार (Asthenic Type and Mental Disorders):
- अस्थेनिक प्रकार के व्यक्तित्व वाले लोग अक्सर चिंता विकार, अवसाद (depression), और मानसिक अस्थिरता (psychoneurosis) से पीड़ित होते हैं। यह लोग मानसिक रूप से अधिक संवेदनशील होते हैं और विचारों में बहुत अधिक उलझते हैं।
एथलेटिक प्रकार और मानसिक विकार (Athletic Type and Mental Disorders):
- एथलेटिक व्यक्तित्व वाले लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होते हैं, और इनमें मानसिक विकारों का विकास कम होता है। लेकिन यदि उन्हें अत्यधिक तनाव का सामना करना पड़े, तो वे तनाव और उत्तेजना (stress and tension) का शिकार हो सकते हैं।
Kretschmer’s Contributions (क्रेट्शमर का योगदान)
शारीरिक संरचना और मानसिकता का संबंध (Connection between Body Structure and Mentality):
- क्रेट्शमर का सिद्धांत एक महत्वपूर्ण योगदान था क्योंकि उन्होंने शारीरिक संरचना और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध स्थापित किया। उन्होंने दिखाया कि शारीरिक प्रकार के आधार पर व्यक्तित्व के लक्षणों को पहचाना जा सकता है।
मानसिक विकारों पर प्रभाव (Impact on Mental Disorders):
- क्रेट्शमर ने मानसिक विकारों को व्यक्तित्व के प्रकारों से जोड़ने की कोशिश की, जिससे मानसिक स्वास्थ्य के अध्ययन में नई दिशा मिली।
विविध व्यक्तित्व प्रकार (Variety of Personality Types):
- उन्होंने व्यक्तित्व के विभिन्न प्रकारों की पहचान की और यह दिखाया कि व्यक्तित्व को केवल शारीरिक प्रकारों के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है।
Criticism of Kretschmer's Theory (क्रेट्शमर के सिद्धांत की आलोचना)
साधारणीकरण (Oversimplification):
- क्रेट्शमर ने व्यक्तित्व और मानसिक विकारों को केवल शारीरिक प्रकारों से जोड़ने की कोशिश की, जो कि बहुत अधिक साधारणीकरण था। व्यक्तित्व केवल शारीरिक प्रकारों पर निर्भर नहीं होता, बल्कि मानसिक और सामाजिक कारक भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आधुनिक अनुसंधान से असहमति (Disagreement with Modern Research):
- आधुनिक अनुसंधान में यह साबित हुआ कि शारीरिक संरचना और मानसिक स्वास्थ्य के बीच स्पष्ट संबंध नहीं होता। क्रेट्शमर के सिद्धांत को समकालीन मनोविज्ञान में उतना स्वीकार नहीं किया गया।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कारक (Spiritual and Cultural Factors):
- क्रेट्शमर के सिद्धांत में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कारकों का कोई उल्लेख नहीं था, जो व्यक्तित्व और मानसिकता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
क्रेट्शमर का सिद्धांत एक अभिनव दृष्टिकोण था, जिसमें शारीरिक संरचना और व्यक्तित्व के बीच संबंध स्थापित किया गया था। हालांकि इस सिद्धांत को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और इसे समकालीन मनोविज्ञान में सीमित माना गया, फिर भी इसने शारीरिक संरचना और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर विचार करने के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
स्प्रेंजर (Sprenger) का व्यक्तित्व सिद्धांत मूल्य-आधारित व्यक्तित्व सिद्धांत (Value-Based Personality Theories) के रूप में जाना जाता है, जो व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक, और ऐतिहासिक संदर्भों को ध्यान में रखता है। यह सिद्धांत विशेष रूप से यह मानता है कि व्यक्तित्व केवल जैविक या मानसिक पहलुओं पर निर्भर नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक, और सौंदर्यात्मक मूल्यों के प्रभाव से भी आकार लेता है।
स्प्रेंजर के मूल्य-आधारित व्यक्तित्व सिद्धांत के प्रमुख तत्व:
सैद्धांतिक मूल्य (Theoretical Values)
यह वह सिद्धांत और विचारधाराएँ हैं, जो व्यक्ति के सोचने, समझने और ज्ञान अर्जित करने के तरीकों को प्रभावित करती हैं। एक व्यक्ति का बौद्धिक व्यक्तित्व सैद्धांतिक मूल्यों पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, जो लोग सैद्धांतिक दृष्टिकोण अपनाते हैं, वे अधिक तर्कसंगत, विश्लेषणात्मक, और दर्शनशास्त्र या वैज्ञानिक खोजों में रुचि रखते हैं।आर्थिक मूल्य (Economic Values)
यह व्यक्ति के धन, संपत्ति और संसाधनों के प्रति दृष्टिकोण को निर्धारित करते हैं। जिन व्यक्तियों के लिए आर्थिक मूल्य अधिक महत्वपूर्ण होते हैं, वे आमतौर पर सफलता, वित्तीय स्थिरता, और भौतिक संपत्ति के मामले में अधिक महत्वाकांक्षी होते हैं। उनका व्यक्तित्व अक्सर उनके कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक और व्यावसायिक होता है।सामाजिक मूल्य (Social Values)
ये मूल्य व्यक्ति के सामाजिक व्यवहार और संबंधों को प्रभावित करते हैं। एक व्यक्ति जो समाज को प्राथमिकता देता है, वह अधिक सहयोगी, सहानुभूतिपूर्ण और समाज की भलाई में रुचि रखने वाला हो सकता है। इन व्यक्तियों का व्यक्तित्व सामूहिकता, सामाजिक न्याय और सामाजिक समानता के सिद्धांतों पर आधारित हो सकता है।राजनीतिक मूल्य (Political Values)
ये मूल्य व्यक्ति के राजनीतिक दृष्टिकोण, सत्ता, शासन, और अधिकार के बारे में विचारों को प्रभावित करते हैं। जिन व्यक्तियों का राजनीतिक दृष्टिकोण मजबूत होता है, उनका व्यक्तित्व सामूहिक नेतृत्व, स्वतंत्रता, और समानता पर आधारित हो सकता है। ये व्यक्ति सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक और सक्रिय होते हैं।धार्मिक मूल्य (Religious Values)
ये व्यक्ति के धार्मिक विश्वास, आस्थाएँ और आध्यात्मिकता से संबंधित होते हैं। जो व्यक्ति धार्मिक या आध्यात्मिक मूल्यों को मानते हैं, उनका व्यक्तित्व अक्सर नैतिकता, आत्म-नियंत्रण, और विश्वास की गहरी भावना से प्रेरित होता है। ऐसे व्यक्तित्व में सहनशीलता, दया, और आंतरिक शांति को प्रमुखता मिलती है।सौंदर्यात्मक मूल्य (Aesthetic Values)
सौंदर्यात्मक मूल्य व्यक्ति के सौंदर्य की समझ, कला, संगीत और साहित्य के प्रति रुचि को प्रभावित करते हैं। जिन व्यक्तियों में सौंदर्यात्मक मूल्य प्रमुख होते हैं, वे कला, संगीत, और सुंदरता के प्रति संवेदनशील होते हैं। उनका व्यक्तित्व अक्सर रचनात्मक, कल्पनाशील और सौंदर्य के प्रति जागरूक होता है।
निष्कर्ष:
स्प्रेंजर का यह सिद्धांत यह दर्शाता है कि व्यक्तित्व केवल व्यक्तिगत गुणों और मानसिक विशेषताओं से नहीं बनता, बल्कि यह व्यक्ति के सामाजिक, सांस्कृतिक, और व्यक्तिगत मूल्यों द्वारा भी आकारित होता है। इस सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व का विकास विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों में होता है, और इन मूल्यों के माध्यम से ही हम अपने व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को समझ सकते हैं।

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