सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषण सिद्धांत - TET परीक्षा की तैयारी के लिए
सिगमंड फ्रायड, जिनका जन्म 6 मई 1856 को हुआ था, मनोविज्ञान के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी विचारक माने जाते हैं। उन्होंने मनोविश्लेषण सिद्धांत की नींव रखी, जो आज भी मनोविज्ञान, मानसिक स्वास्थ्य और मानव व्यवहार को समझने में महत्वपूर्ण है। फ्रायड का मानना था कि व्यक्तित्व और व्यवहार हमारे अवचेतन मन, मानसिक संघर्षों और प्रारंभिक जीवन के अनुभवों से प्रभावित होते हैं।
मनोविश्लेषण सिद्धांत
फ्रायड के अनुसार, मानव मन तीन स्तरों में विभाजित होता है:
| मन के प्रकार | विवरण | प्रतिशत हिस्सा |
|---|---|---|
| चेतन मन (Conscious Mind) | वह हिस्सा जो हमारे वर्तमान विचारों, संवेदनाओं और कार्यों से जुड़ा होता है। | 2% |
| अवचेतन मन (Subconscious Mind) | वह हिस्सा जहाँ हमारी यादें, विचार, और भावनाएँ दबी रहती हैं, और जो हमें जागरूकता के बिना प्रभावित करती हैं। | 8% |
| अचेतन मन (Unconscious Mind) | यह वह गहरी मानसिक स्थिति है जहाँ हमारी दबी हुई इच्छाएँ, डर, और अन्य अव्यक्त भावनाएँ रखी जाती हैं। | 90% |
आइसबर्ग उदाहरण (Iceberg Analogy)
फ्रायड ने मानव मन की संरचना को आइसबर्ग के उदाहरण से समझाया। आइसबर्ग का केवल ऊपरी हिस्सा पानी के ऊपर दिखाई देता है, जबकि उसका अधिकांश हिस्सा पानी के नीचे छिपा रहता है। इसी तरह, हमारी चेतना (Conscious mind) आइसबर्ग के पानी के ऊपर दिखता है, जबकि अवचेतन (Subconscious) और अचेतन (Unconscious) मन पानी के नीचे होते हैं। यह उदाहरण यह दिखाता है कि हमारे मानसिक जीवन का अधिकांश भाग अवचेतन और अचेतन मन में छिपा होता है, और केवल एक छोटा हिस्सा हमारी जागरूकता में होता है।
मनोवैज्ञानिक विकास के चरण (Psychosexual Stages of Development)
फ्रायड ने बच्चों के मानसिक विकास को पाँच प्रमुख चरणों में बाँटा:
- मौखिक चरण (Oral Stage) - (जन्म से 1 वर्ष तक): शिशु इस चरण में अपने मुंह का उपयोग विभिन्न अनुभवों के लिए करता है।
- गुदा चरण (Anal Stage) - (1 से 3 वर्ष तक): इस चरण में बच्चों में शारीरिक नियंत्रण की आदतें विकसित होती हैं।
- फैलिक चरण (Phallic Stage) - (3 से 6 वर्ष तक): यह चरण ओडिपस और इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स से जुड़ा हुआ है, जिसमें बच्चे अपने विपरीत लिंग वाले माता-पिता के प्रति आकर्षण महसूस करते हैं।
- गुप्त चरण (Latency Stage) - (6 से 12 वर्ष तक): इस दौरान बच्चे अपने सामाजिक कौशल और शैक्षिक विकास में लिप्त रहते हैं।
- जननांग चरण (Genital Stage) - (12 वर्ष और आगे): इस चरण में यौन परिपक्वता और संबंधों की समझ विकसित होती है।
इड, इगो, और सुपरइगो
फ्रायड के अनुसार, मानव मन तीन प्रमुख तत्वों से बना होता है:
| तत्व | विवरण | कार्यक्षेत्र |
|---|---|---|
| इड (Id) | यह हमारे आंतरिक वृत्तियों का प्रतिनिधित्व करता है और यह केवल तत्काल संतुष्टि चाहता है। | मूल आवेग और इच्छाएँ |
| इगो (Ego) | यह वास्तविकता के सिद्धांत पर काम करता है, और सामाजिक एवं भौतिक वास्तविकताओं के अनुरूप इच्छाओं को नियंत्रित करता है। | वास्तविकता और समाजिक आदर्शों के साथ संतुलन |
| सुपरइगो (Super Ego) | यह नैतिकता और आदर्शों का प्रतिनिधित्व करता है और हमें सही और गलत के बीच अंतर समझने में मदद करता है। | नैतिकता और समाजिक आदर्शों का पालन |
ओडिपस और इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स
फ्रायड ने ओडिपस और इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स की अवधारणा दी, जो बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। इस दौरान, बच्चों में अपने विपरीत लिंग वाले माता-पिता के प्रति आकर्षण और समान लिंग वाले माता-पिता के प्रति प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न होती है।
- ओडिपस कॉम्प्लेक्स: लड़कों में माँ के प्रति आकर्षण और पिता के प्रति प्रतिस्पर्धा।
- इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स: लड़कियों में पिता के प्रति आकर्षण और माँ के प्रति प्रतिस्पर्धा।
डिफेंस मैकेनिज़्म (Defense Mechanisms)
यह अवचेतन मन द्वारा तनाव और मानसिक संघर्षों से निपटने के लिए उपयोग की जाने वाली रणनीतियाँ होती हैं। कुछ प्रमुख डिफेंस मैकेनिज़्म में शामिल हैं:
- दमन (Repression): अप्रिय विचारों को अवचेतन में दबाना।
- इन्कार (Denial): सच्चाई को नकारना।
- प्रक्षेपण (Projection): अपनी नकारात्मक भावनाओं को दूसरों पर थोपना।
- युक्तिकरण (Rationalization): अपनी गलतियों को उचित ठहराना।
निष्कर्ष
सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषण सिद्धांत व्यक्तित्व विकास और मानसिक संघर्षों को समझने का एक अनूठा तरीका प्रदान करता है। यह सिद्धांत न केवल मनोविज्ञान के क्षेत्र में, बल्कि TET और अन्य शिक्षण परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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