रॉबर्ट स्टर्नबर्ग ने 1985 में त्रिआर्किक सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने कहा कि बुद्धि केवल एक आयाम या IQ तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, बुद्धि को तीन प्रमुख घटकों में विभाजित किया जा सकता है, जो अलग-अलग प्रकार के समस्याओं को हल करने और जीवन में सफल होने में सहायक हैं। ये तीन घटक हैं:



1. विश्लेषणात्मक बुद्धि (Analytical Intelligence):

  • विश्लेषणात्मक बुद्धि समस्या हल करने और तर्क करने की क्षमता है। इसे अक्सर घटकात्मक बुद्धि (Componential Intelligence) के रूप में भी जाना जाता है।
  • इसमें जानकारी का विश्लेषण करना, तर्क करना, तुलना करना, और किसी समस्या का समाधान निकालने की क्षमता शामिल होती है।
  • यह वह प्रकार की बुद्धि है जो आमतौर पर शैक्षणिक परीक्षाओं और IQ परीक्षणों में मापी जाती है, जैसे कि गणितीय प्रश्नों को हल करना या वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझना।
  • इस प्रकार की बुद्धि से व्यक्ति समस्याओं के विभिन्न पहलुओं को देखकर सही निर्णय तक पहुँच सकता है।

2. रचनात्मक बुद्धि (Creative Intelligence):

  • रचनात्मक बुद्धि का अर्थ है नई स्थितियों में विचारों को जन्म देना और नए तरीकों से समस्याओं का समाधान करना। इसे अनुभाविक बुद्धि (Experiential Intelligence) भी कहा जाता है।
  • इसमें व्यक्ति की नवीनता और नवाचार की क्षमता आती है, जैसे कि एक कलाकार की कलात्मक सोच, एक वैज्ञानिक की नई खोज करने की योग्यता, या किसी लेखक की रचनात्मकता।
  • इसमें दो महत्वपूर्ण घटक होते हैं:
    • नवाचार (Novelty): किसी नई समस्या के लिए नई रणनीति और दृष्टिकोण अपनाने की क्षमता।
    • स्वचालन (Automation): किसी भी कार्य को बार-बार करने पर उसे स्वचालित रूप से करना, जिससे ध्यान दूसरे कार्यों में लगाया जा सके।
  • रचनात्मक बुद्धि से व्यक्ति ऐसे समाधान खोज सकता है जो पहले नहीं सोचे गए हों और जो पारंपरिक सोच से अलग हों।

3. व्यावहारिक बुद्धि (Practical Intelligence):

  • व्यावहारिक बुद्धि में व्यक्ति की रोजमर्रा के जीवन में समस्याओं को हल करने की क्षमता आती है। इसे प्रासंगिक बुद्धि (Contextual Intelligence) भी कहा जाता है।
  • यह वास्तविक जीवन में व्यवहारिक ज्ञान के उपयोग से जुड़ी है, जैसे कि सामाजिक समस्याओं को सुलझाना, स्थिति का विश्लेषण करना, और उसमें अनुकूलता बनाए रखना।
  • स्टर्नबर्ग ने इसे "स्ट्रीट स्मार्ट्स" के रूप में वर्णित किया है, जो यह दिखाता है कि कैसे व्यक्ति अपने अनुभवों का उपयोग कर अपने वातावरण में अनुकूलता लाने में सक्षम होता है।
  • इसमें तीन प्रमुख कार्य होते हैं:
    • अनुकूलन (Adaptation): किसी स्थिति के अनुसार खुद को ढालना।
    • आकार बदलना (Shaping): अपने अनुसार स्थिति में बदलाव लाना।
    • चयन करना (Selection): ऐसी स्थिति चुनना जो व्यक्ति के अनुकूल हो।
Triarchic Theory of Intelligence


त्रिआर्किक सिद्धांत का महत्व:

  • शिक्षा में उपयोग: स्टर्नबर्ग का त्रिआर्किक सिद्धांत यह बताता है कि बुद्धि केवल शैक्षणिक सफलता से नहीं आंकी जा सकती। इस सिद्धांत के अनुसार, एक व्यक्ति का वास्तविक मूल्यांकन उसकी विश्लेषणात्मक, रचनात्मक, और व्यावहारिक क्षमताओं के संतुलन से किया जाना चाहिए।
  • व्यावहारिक जीवन में प्रभाव: यह सिद्धांत बताता है कि केवल शैक्षणिक बुद्धि से ही सफलता संभव नहीं है, बल्कि रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि भी किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता को पहचानने और जीवन में सफल होने में सहायक होती है।
  • प्रभावी व्यक्ति: यह सिद्धांत यह भी दर्शाता है कि प्रभावी व्यक्ति वे होते हैं जो अपनी तीनों प्रकार की बुद्धियों का सही समय और स्थान पर उपयोग करना जानते हैं।

इस प्रकार, स्टर्नबर्ग का त्रिआर्किक सिद्धांत एक व्यापक दृष्टिकोण है, जो बुद्धि को केवल एक आयाम में सीमित न मानकर इसे विभिन्न परिस्थितियों में उपयोगी बनाने पर केंद्रित करता है।